Monday, January 14, 2008

सूरज की तरह तू भी दमके ..तुझ ही से हो जग रोशन ..चाँदनी की थोडी चंचलता ..पर मन हो चन्दा सा शीतल ..धरती सा धीरज हो तुझमे ..पर्वत सी द्र्धनता तू पाए ..गंभीर गहरा सागर सा बन ..शिखर सफलता के तू छुए ..आशीष मेरी ..छाया बन सदा tere साथ चले ..

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